योग

योग दिवस (Yoga Day) 21 June

नमस्कार सभी को, मैं अभिषेक आपके लिए लेकर आया हूँ कोरोना महामारी के समय में कैसे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए आप योग के माध्यम से अपने आप को स्वस्थ रख सकते है तथा घर पर रह कर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाना चाहते हैं तो यह बहुत आसान है और इसके लिए आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।

बस आपको अपनी आदत में योग को शामिल करना पड़ेगा, जिसके जरिए इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में बहुत मदद मिल सकती है कोरोना वायरस व्यक्ति के श्वसन तंत्र पर प्रभाव डालता है और रोगी को साँस लेने में समस्या हो जाती है श्वास नलिकाओं में सूजन आ जाती है और उनका रास्ता संकीर्ण हो जाता है तथा इसमें नाक के माध्यम से या मुख के माध्यम से वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है और फिर हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को नुकसान पहुँचता है और व्यक्ति की हालत दिन पर दिन ख़राब होती जाती है तो आज  हम जानेंगे कि कौन से आसान हमारे लिए इस समय करना आवश्यक है जिसके माध्यम से हम अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकते है आइये जानते है आइये सबसे पहले जानते है की योग  क्या है ? फिर असानो के विषय में विस्तार से बात करेंगे।

योग  क्या है ?

योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक प्रथाओं या विषयों का एक समूह है जो प्राचीन भारत में उत्पन्न हुआ था। योग हिंदू दार्शनिक परंपराओं के छह Āstika (रूढ़िवादी) स्कूलों में से एक है।

हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म और जैन धर्म में योग स्कूलों, प्रथाओं, और लक्ष्यों की एक विस्तृत विविधता है। पश्चिमी दुनिया में “योग” शब्द अक्सर व्यायाम के रूप में हठ योग और योग के एक आधुनिक रूप को दर्शाता है, जिसमें अधिकतर आसन या असन शामिल हैं।

योग को  लगभग  ३००० ईशा पूर्व से सिन्दु घाटी सभ्यता में  वैदिक भारतीय परंपरा के अनुसार माना जाता है।  इसका उल्लेख सिर्फ ऋग्वेद में  ही नहीं बलिकी कई उपनिषदों में भी है।  हालांकि योग सबसे अधिक 5 वी और 6 वी शताब्दी ईशा पूर्व के आस पास प्राचीन भारतीय तपस्वी एक व्यवस्थित अध्यन के रूप में सबसे अधिक विकसित हुआ।

वैसे शुरुआती ग्रंथो मैं योग प्रथा का कार्यकर्म स्पष्ट नहीं है। इसके लिए कुछ  उपनिषदों को श्रेय दिया जाता है।

पतंजलि तिथि के दूसरी शताब्दी ईशा पूर्व से बीसवीं शताब्दी में पहली बार स्वामी विवेकानंद द्वारा पेश किये जाने के बाद पछिम में प्रसिद्धि प्राप्त की।  नवी और ग्यारहवीं शताब्दी के बीच के कुछ समय में तंत्र की उत्पति के साथ हठ योग ग्रंथो का उदय हुआ।

 

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योग के प्रकार , इम्यून सिस्टम कैसे बढ़ाए

1-ताड़ासन –

सबसे पहले सीधे खड़े हो जाये पैरो को आपस में जोड़ ले
स्वाश भरते हुए हाथो को उठाये हथेलिया खुली रखे
एड़ी को उठाये पंजो पर खड़े हो जाये एड़ी से लेकर उंगलियों तक पूरे शरीर को खींचे
सामान्य श्वास लेते रहे स्थिति में कुछ देर तक बने रहे
श्वास छोड़ते हुए धीरे धीरे हाथो को नीचे ले आये

ताड़ासन योग
ताड़ासन Yoga

2-त्रिकोणासन –

दोनों पैरो में 2 से 3 फ़ीट अंतर रखे बाहों को कंधे तक उठाये
धीरे धीरे श्वास भरते हुए अपनी दायी बाह को सर के ऊपर से ले जाये ताकि वह कान को छू सके
अब धीरे धीरे श्वास छोड़ते हुए अपने शरीर को बायीं ओर झुकाये घुटने नहीं मोडे हाथों को कान पर लगा कर रखे अंतिम मुद्रा में आपकी दायी बाह जमीन के समान्तर हो और बायीं बाह बाये पैर के समान्तर हो लेकिन वह पैर को स्पर्श न करे
सामान्य श्वास के अंतिम स्थिति में बने रहे
श्वास भरते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाये
यही क्रिया दूसरे पैर से भी करे

त्रिकोणासन योग
त्रिकोणासन Yoga

3-गोमुखासन –

सीधे बैठे दोनों पैरो को आगे की तरफ फैला दे हाथ बगल में रखे हथेलिया जमीन पर रखे
बाये पैर को घुटने से मोडे तथा दाए नितम्ब की बगल में जमीन पर रखे
उसी प्रकार दाए पैर को घुटने से मोडे बाये पैरो के ऊपर से लाये तथा दायी एड़ी को बाये नितम्ब के पास रखे
बायीं बाह उठाएं उसे कोहनी से मोडे और पीछे की ओर कंधो से नीचे लाये
दायी बांह उठाएं कोहनी से मोडे और ऊपर की ओर से लेकर पीछे पीठ पर ले जाये
दोनों हाथो को उंगलियों को पीठ के पीछे आपस में पकड़ ले
अब सिर को एक दम सीधा कर ले उस पर किसी तरह का कोई दवाब न हो सामने एक बिंदु की तरफ देखे
जितनी देर हो सके इस अवस्था में रुके फिर वापस सामान्य स्थिति में वापस आ जाये
अब दूसरे पैर तथा दूसरे हाथ से इसी प्रक्रिया को दोहराये.

गोमुखासन योग
गोमुखासन Yoga

4-वक्रासन –

पैरो को सामने की तरफ खोलकर बैठ जाये’
बाये पैर को घुटने से मोडे तथा पैर को दाए घुटने के बगल में रखे
रीढ़ की हड्डी को सीधा रखे श्वास छोड़ते हुए कमर को बायीं तरफ मोडे
दाए हाथ को बाये पैर की ओर इस प्रकार की दाया हाथ का बाहरी हिस्सा बाये पैर के बाहरी हिस्से को स्पर्श करे और दाया हाथ बाये पैर के पास रखे
बाये हाथ को पीछे से लाये और हथेली को जमीन पर इस प्रकार रखे की रीढ़ की हड्डी घूम जाये
यही प्रकिया दूसरी ओर से भी करे.

वक्रासन
वक्रासन Yoga

5-उष्ट्रासन –

जमीन पर घुटनो के बल खड़े हो जाये दोनों घुटनो में कंधे के बराबर अंतर रखे
पीछे पैर के पंजे भी घुटनो की सिद्ध में हो तथा उनको जमा के रखे
दोनों हाथो को कंधे सामने की तफ खोले अब श्वास भरते हुए दाए हाथ को ले जाये और हथेली को दाए पंजे पर रख दे
इसी प्रकार बाये हाथ को भी पीछे ले जाये और हथेली को बाये पंजे पर रख दे
कमर वाले भाग को आगे की तरफ धक्का दे तथा गर्दन को पीछे ढीला छोड़ दे
समान्य श्वास लेते रहे आंखे खोल कर रखे
अंतिम अवस्था में जाँघे जमीन से समकोण बनती हुई हो

शरीर का वजन बाहो तथा पैरो पर सामान रूप से होना चाहिए
कुछ देर इस आसान में रहने के बाद वापस आ जाना चाहिए

उष्ट्रासन
उष्ट्रासन Yoga

6-भुजंग आसान-

पेट के बल जमीन पर लेट जाये पंजो को एक साथ रखे पंजो की उंगलिया बहार की दिशा में हो
हाथो को कोहनियो से मोड़ते हुए अब हथेलियों को कंधो के नीचे छाती वाले हिस्से क बराबर में रखे
माथा जमीन पर रख दे
धीरे धीरे श्वास को भरते हुए गर्दन को ऊपर उठाये धड़ को नाभि तक ऊपर उठा दे गर्दन को ऊपर करे और आकाश की तरफ देखने का प्रयास करे
कंधो को खोलकर रखे तथा श्वास को सामान्य रखे
जब तक संभव हो इसी अवस्था में रहे उसके बाद शरीर को धीरे धीरे नीचे ले आये
पहले नाभि को नीचे लाये फिर छाती को नीचे लाये तथा अंत में माथे को जमीन पर रख दे
फिर हाथो को जांघो के बगल में रखे और विश्राम करे

भुजंग आसान
भुजंग आसान Yoga

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इस प्रकार ये 6 आसन आपको डेली अपनी लाइफ में करने चाहिए ताकि आप अपने इम्यून सिस्टम को स्ट्रांग बना सके ये सभी आसन आपके श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है तथा आपके इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाके आपके कार्य करने की क्षमता में वृद्धि करते है शुरुआत में आप Yoga करते समय हर आसान को 10 सेकंड से लेकर 20 सेकण्ड्स तक करे फिर धीरे धीरे अभ्यास करते रहने पर आप इनको एक मिनट तक भी कर सकते है Yoga का अभ्यास अपनी अपनी क्षमता का ध्यान रखते हुए करना चाहिए

Yoga करने का सबसे अच्छा समय सुबह का होता है Yoga आपको खाली पेट ही करना चाहिए जिन लोगो को समय नहीं मिलता है वे Yogaअपने समय के अनुसार भी कर सकते है लेकिन आपका भोजन पच जाना चाहिए भोजन करने के ३ घंटे क बाद अभ्यास कर सकते है यदि किसी तरह की बीमारी से आप ग्रसित है तो Yoga का अभ्यास किसी कुशल Yoga इंस्ट्रक्टर से सलाह लेने के बाद ही करे.

 

 

अभिषेक शर्मा
Yogaचार्या
लाल बहदुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ नयी दिल्ली 


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