Website या Blog से कंटेंट को Copy होने से कैसे बचाएं

Website या Blog से कंटेंट को Copy होने से कैसे बचाएं ?  कॉपी पेस्ट करने के नुकसान? किस तरह किसी के कंटेंट को कॉपी (copy), edit और पेस्ट (paste) करें? या फिर किसी द्वारा आपका कंटेंट चुराने पर क्या करें?

यदि आप इंटरनेट पर इस तरह के सवालों को खोज रहें हैं, तो बता दें आपकी यह तलाश अब खत्म हो चुकी है क्योंकि हमारे इस लेख में आपको काॅपी पेस्ट (copy-paste) से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दी जाएगी।

सबसे पहले यह बात जान लें कि काॅपी पेस्ट (copy-paste) करके किसी भी वेबसाइट, चैनल या ब्लॉग को चलाना संभव नहीं है। कॉपी पेस्ट (copy-paste) करने का ख्याल आप अपने दिमाग से निकाल दें तो बेहतर होगा।

 

वर्तमान समय में एक बढ़कर एक साॅफ्टवेयर (software) आ गए हैं, जिससे चंद सेंकड में किसी भी तरह के काॅपी पेस्ट (copy-paste) कंटेंट (content) को पकड़ा जा सकता है और ऐसा होने पर आपकी उस पोस्ट को कंटेंट होल्डर द्वारा रिपोर्ट करने के बाद गूगल डिलीट कर देगा।

सिर्फ इतना ही नहीं ज्यादातर पोस्ट में plagiarism होने पर आपकी वेबसाइट डिलीट भी हो सकती है।

 

Website या Blog से कंटेंट को Copy होने से कैसे बचाएं?

 

तो ध्यान से इस पोस्ट को पूरा पढ़े ताकि आपके साथ कभी ऐसा न हो। किसी के कंटेंट को कॉपी करना सिर्फ ब्लाॅगिंग करने वालों के लिए ही नुकसानदायक नहीं है।

वीडियों, फोटो की बात छोड़िए यहां तक कि किसी के आइडिया (idea) तक को चोरी करने पर भी काॅपीराइट (copyright) लगता है।

 

आजकल कई लोगों को पूरी जानकारी नहीं होती है और वह कंटेंट की चोरी करके पोस्ट करते रहते हैं। लेकिन ऐसा करना मात्र समय की बर्बादी है क्योंकि इससे न तो आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक (traffic) आएगा और न ही आप इससे कुछ खास कमा (revenue) पाएंगे।

 

इंटरनेट पर कई टॉपिक है जिन पर रिसर्च करके महत्वपूर्ण जानकारी को आप अपनी भाषा में आसानी से लिख सकते हैं। यदि आपको टॉपिक खोजने में दिक्कत आ रही है और आपको समझ नहीं आ रहा कि किस विषय पर लिखा जाए, तो हमारे Top 10 Topics for Content वाले ब्लॉग को पढ़ें

 

कॉपी पेस्ट (Copy-paste) करने से क्या होता है?

 
दिन-प्रतिदिन इंटरनेट पहले से बेहतर, स्मार्ट और एडवांस होता जा रहा है। क्या आपने गूगल पांडा के बारे में सुना है? गूगल पाडा (google panda) कॉपीराइट कंटेंट को आसानी से ढूंढ कर इसकी जानकारी गूगल तक transfer करता है। गूगल द्वारा लॉन्च किया गया गूगल पांडा इस तरह हर कंटेंट की जांच करता रहता है।

 

गूगल रैंकिंग (Google Ranking) नीचे आ जाएगी

 
अपनी वेबसाइट पर काॅपी पेस्ट (copy-paste) या थोड़ा बहुत बदलाव करके कंटेंट डालने पर लेख की गूगल पर आने वाली रेंकिंग (ranking)  बुरी तरह प्रभावित होगी।

जिस से गूगल पर कीवर्ड (keywords) द्वारा लेख खोजने पर आपका लेख कई पेजों बाद आएगा। ट्रैफिक आपकी वेबसाइट तक पहुंच ही नहीं पाएगा।

 

वेबसाइट की गूगल पर रेंकिंग बढ़ाने के लिए एसईओ (SEO) एक अहम भूमिका निभाता है। लेकिन चोरी किया हुआ कंटेंट डालने पर उससे भी कोई फर्क नहीं पडे़गा। भविष्य में भी रेंकिंग में सुधार लाने में भी आपको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। 

 

गूगल एडसेंस (Google Adsense)

 
पहली बात इस तरह के काॅपी पेस्ट (copy-paste) कंटेंट होने पर गूगल एडसेंस आपके आवेदन को मंजूरी (approve) नहीं देता।

पूरी वेबसाइट और कंटेंट की जांच करने बाद ही गूगल एडसेंस द्वारा आपको अप्रूवल (approval) दिया जाता है।

 

वहीं दूसरी ओर कई लोग पहले यूनिक कंटेंट (unique content) अपलोड करके गूगल एडसेंस का अप्रूवल पा लेते हैं।

बाद में सोचते कि अब वह कॉपी पेस्ट (copy-paste) कंटेंट डालकर अपना काम चला लेंगे।

यदि आपके दिमाग में भी ऐसा चल रहा है तो बता दें कि ऐसा करने पर गूगल एडसेंस (google adsense) अपना अप्रूव किया गया अकाउंट बहुत जल्द ब्लॉक (block) कर देगा। 

 

डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट (Digital Millennium Copyright Act)

 
डीएमसीए (DMCA) नियमों के तहत यदि आपकी वेबसाइट से कोई कंटेंट की चोरी करता है, तो आप उसके खिलाफ डीएमसीए (DMCA) रिपोर्ट कर सकते हैं।

जिसके बाद शीघ्रता से एक्शन लेकर उस republish कंटेंट को वेबसाइट से हटा दिया जाता है। Republish कंटेंट ज्यादा होने पर ब्लाॅगर से बनी वेबसाइट को डीएमसीए (DMCA) डिलीट तक कर सकता है। 

 

इतना ही नहीं कंटेंट चोरी करने वाले का आई पी एड्रेस (IP address) भी ब्लॉक हो सकता है। जिससे वह कभी भी उस पीसी (PC) या लैपटॉप से वेबसाइट ही नहीं बना पाएगा। 

 

गैरकानूनी काम है काॅपी पेस्ट (Copy-paste)

 
किसी को श्रेय दिए बिना और अनुमति लिए बिना उसका कंटेंट अपनी वेबसाइट पर काॅपी पेस्ट (copy-paste) करना एक गैरकानूनी काम है। कॉपीराइट एक्ट (Copyright Act) 1976 के सेक्शन 107 के आधीन इस तरह के काम के चलते अपराधी को दंडित किया जा सकता है।

आसान भाषा में काॅपी पेस्ट (copy-paste) करना केवल वेबसाइट को ही नहीं, ऐसा करने वाले को भी खतरे में डाल सकता है। 

 

आप ही बताएं क्या आप इस तरह की वेबसाइट पर दोबारा विजिट करना पसंद करेंगे जिस में इस तरह का कंटेंट हो? इस तरह आप यूजर्स का भरोसा भी खो देंगे। ज्यादातर नए ब्लॉगर इस तरह की गलतियां करते हैं।

 

कैसे करें कंटेंट को कॉपी पेस्ट (Copy-paste)?

 
ज्यादातर जर्नल्स (journals) में 15 प्रतिशत तक का Plagiarism स्वीकार किया जाता है, लेकिन अलग-अलग संगठन के हिसाब से इस की प्रतिशतता विभिन्न हो सकती है। 25 प्रतिशत Plagiarism बहुत ही ज्यादा माना जाता है। 

 

सोर्सिंग (sourcing) की सहायता से आप थोड़ा बहुत काॅपी पेस्ट (copy-paste) कर सकते हैं। बताए जाने वाले तरीकों से आप थोड़ा बहुत काॅपी पेस्ट (copy-paste) कर सकते हैं और इससे अपकी वेबसाइट पर बुरा प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।

 

छोटे कोटेशन (Quotation)का प्रयोग करें:- हमेशा बड़े कोटेशन (quotation) को काॅपी करने से बचें। पूरे अनुच्छेद (paragraph) को काॅपी करने से अच्छा है कि ऐसे वाक्यों को कॉपी किया जाए जो कि आपके टॉपिक के अनुसार बिल्कुल उपयुक्त (suitable) हो।

इतना ही नहीं ज्यादा कोटेशन (quotation) वाले लेख को पढ़ने में भी रीडर्स (readers) को कठिनाई आती है। 

 

पूरा काॅपी पेस्ट (copy-paste) न करें:- आप पहले लेख को ध्यान से पढ़े और उसके दृष्टिकोण (point of view) को समझने की कोशिश करें। जिसके बाद उसे आप अपने शब्दों में लिख सकते हैं।

इसे paraphrasing कहा जाता है। ऐसा करने के बाद भी original source को citation देना न भूलें। 

 

साथ साथ citation दें:- लेख लिखने के साथ साथ ही citation भी देते रहें। ऐसा इसलिए ताकि आप बाद में यह भूल न जाएं कि यह डेटा (data) कहा से लिया गया है।

 

लेख की अनुमति के लिए पूछना:- कॉपीराइट होल्डर (copyright holder) से परमिशन लेकर आप उसके छोटे-छोटे quotes कॉपी कर सकते हैं। इससे आपको कोई दिक्कत नहीं होगी।

वहीं इसी तरह आप फोटो के साथ भी कर सकते हैं क्योंकि किसी की फोटो को बिना reference दिए उसका प्रयोग करना गैर कानूनी काम है। 

 

इस तरह रोकें Blog को Copy होने से

 
अपने लेख में शब्दों को बढ़ाने के लालच में लगातार कंटेंट की चोरी की लम्बे समय से की जाती आ रही है। इस तरह की चोरी को रोकने के लिए javascript कोडिंग (coding) की सहायता से right click disable कर सकते हैं। 

 

इसके अलावा सीएसएस (CSS), एचटीएमएल (HTML) और text selection को बंद करके आप अपना लेख कॉपी होने से कुछ हद तक बचा सकते हैं।

कंटेंट को पूरी तरह से कॉपी होने से बचा पाना संभव नहीं है। प्लग-इन (plug-in) की सहायता से प्रतिबंध (restriction) लगा कर कोई नौसिखिया कंटेंट कॉपी नहीं कर पाएगा।

 

निष्कर्ष (Conclusion)

 
क्या आप जानते हैं कि आप अपना पहले से प्रकाशित लेख भी काॅपी पेस्ट (copy-paste) नहीं कर सकते हैं। इसके लिए आपको citation देनी पड़ेगी। आसान भाषा में पहले से published material को republish करना Plagiarism ही कहा जाता है।

 

वर्तमान समय में plagiarism detection software की सहायता से काॅपी पेस्ट (copy-paste) कंटेंट को पकड़ना काफी आसान हो गया है। हम आपको यह सलाह देते हैं कि काॅपी पेस्ट (copy-paste) करना या paraphrasing करके किसी अन्य के डेटा को publish करने की आदत को छोड़ दें।

 

इस तरह के काम का अच्छा भविष्य नहीं है। पता चलने पर copyright holder आपके खिलाफ जल्द ही एक्शन लेंगे और आप मुसीबत में पढ़ जाओगे। इतना ही नहीं आपकी पहले की मेहनत भी बेकार चली जाएगी।

आप खुद ही सोचिए आपकी कई घंटो की मेहनत को कोई और कुछ सेकेंड में कॉपी करके अपने नाम से publish कर दे तो आपको कैसा लगेगा? क्या आप उसे ऐसे ही छोड़ देंगे? आप भी डीएमसीए (DMCA) रिपोर्ट की सहायता से उसके खिलाफ एक्शन (action) लेने का ही निर्णय लेंगे।

 

हमने आपसे काॅपी पेस्ट (copy-paste) करने के कुछ तरीकों को सांझा किया है। लेकिन ज्यादातर बड़ी organizations थोड़ा सा भी काॅपी पेस्ट (copy-paste) स्वीकार नहीं करती है।

इसलिए Website या Blog से कंटेंट को Copy होने से कैसे बचाएं ? नियमों और शर्तों को ध्यान में रख कर ही लिखें। किसी तरह का कॉपीराइट लगने पर moneysarthi जिम्मेदार नहीं होगा। 

 

हम इस तरह की जानकारी देकर यूजर्स की सहायता करने की कोशिश करते रहते हैं। अपना कोई प्रश्न पूछने या हमारे लेख से संबंधित सुझाव देने के लिए कमेंट करें।

हम शीघ्र ही आपको reply देने का प्रयास करेंगे। अपने दोस्तों व जान पहचान वालों की मदद करने के लिए आप इस लेख को उनके साथ शेयर करें।

धन्यवाद।

जय हिंद।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *