Strong Mindset वाले लोगों की 7 पहचान

Strong Mindset वाले लोगों की 7 पहचान – मेरा नाम सौरभ है और आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ ऐसी 7 अहम् जानकारियां जो ये बताती हैं कि आप मानसिक रूप से एक मजबूत शख्शियत हैं या नहीं।

यहाँ मैंने कुछ बिंदुओं पर अपनी राय रखी है जो आपको ये समझने में मदद करेंगी कि आप अपनी लाइफ में तरक्की करेंगे या नहीं।

तो चलिए शुरू करते हैं –
 

Strong Mindset वाले लोगों की 7 पहचान

 
 

1 – Strict Mindset :-

 
हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं और बड़े हुए हैं जो हमेशा से अपने परिवार के सदस्यों या मित्रों को सर्वोपरि रखने और उनसे भावात्मक रूप से गहराई से जुड़ने में मदद करता है, जो कि बड़ी चीज़ है।

लेकिन अगर गौर से देखा जाए तो कहीं ना कहीं हमारे अपनी लाइफ में पिछड़ जाने का एक कारण भी होता है। क्योंकि लोग ‘ना’ कहना नहीं जानते और खासकर अपने परिवार के सदस्यों को। उदाहरण के लिए, रीता एक बहुत ही मेहनती और जुझरु महिला है जो जिसकी अपनी कुछ निजी महत्वकाक्षाएं हैं।

उन महत्वकांक्षाओं को पूरा करने के लिए उसने एक बिजनेस शुरू किया मगर जितना समय उसे अपने बिजनेस को देना चाहिए वो नहीं दे पा रही है, क्योंकि घर में उसे बहुतेरे काम पकड़ा दिए जाते हैं और वो उन्हें मना नहीं कर पाती। उसे लगता है कि ऐसा करने पर घर वालों को बुरा लगेगा और वो किसी का बुरा बनकर रहना नहीं चाहती।

यहाँ पर उसकी एनर्जी के साथ साथ उसके समय और जुझरुपन का नुकसान हो रहा है। जिस वजह से वो अपनी खुद की ज़िंदगी में जो वो पाना चाहती है उस तरफ बढ़ ही नहीं पा रही है।

शुरुआत में ना कहना बहुत कठिन होता है क्योंकि हमें लगता है कि कोई उसे पसंद नहीं करेगा मगर जब आप 4 या 5 बार किसी को ना बोल देते हो तो आप अच्छा फील करोगे ये तय है।

उदाहरण के तौर पर:-

मना करने के लिए नीचे दिए गए वाक्य का इस्तेमाल किया जा सकता है –

“मैं करना तो चाहता हूँ मगर अभी थोड़ा व्यस्त हूँ और अपने काम को बीच में नहीं छोड़ सकता”

 

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2 – Spend time with yourself :-

 
आज के समय की सबसे बड़ी समस्या है व्यस्त्तता। लोग अपने काम में इस तरह रमे रहते हैं या कहें कि उन्हें रमाये रखा जाता है नियोक्ता के द्वारा जिस वजह से उनके पास खुद के लिए समय ही नहीं होता।

होता ये है कि रोज़ एक जैसी व्यस्त ज़िंदगी जीते जीते हमारी आदत हो जाती है व्यस्त रहने की और जब कभी भी खाली समय मिलता है तो बोरियत होने लगती है। ये एक मानसिक विकृति है, जहाँ आप एक बहुत ही ख़ास इंसान से मिल ही नहीं पाते।

वो इंसान आप खुद हैं। रोज़ खुद के लिए कम से काम एक घंटा ज़रूर निकालिये। चाहे तो रात में कोई बुक पढ़िए, ब्लॉग्गिंग कीजिये या सुबह उठकर मैडिटेशन कीजिये। खुद के साथ बिताया गया एक घंटा आपको स्फूर्ति से भर देगा और आपको प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी।

क्योंकि मैं एक बिजनेस ओरिएंटेड इंसान हूँ तो इसका फायदा ये भी होगा कि आपके मन में नए क्रिएटिव आइडियाज बनना शुरू हो जायेंगे और हो सकता है भविष्य के महान बिजनेस ओनर बन जाएं।

 

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3 – Capacity to take calculated Risk :-

 
रवि एक IT कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और ये काम वो पिछले 12 सालों से करता आ रहा है मगर अब वो बोर हो चुका है एक ही तरह का काम कर करके।

लेकिन उस काम में उसे महारत हो चुकी है इसलिए वो सोचता है कि क्यों ना अपना कोई बिजनेस शुरू किया जाये। ये बात वो अपनी पत्नी से बताता है तो वो कहती है कि उसने जो पैसे शेयर्स में लगाए थे वो डूब गए तो कैसे वो कोई बिजनेस कर पायेगा ? वो दिल मसोसकर रह जाता है।

ऐसे में जब रवि अपने एक सहकर्मी से मिलता है जो उसे उसके सपनो को पूरा करने का भरोसा देता है। फिर दोनों मिलकर पार्ट टाइम एक वेबसाइट शुरू करते हैं जहाँ तरह तरह के बिजनेस आइडियाज फ्री में दिए जाते हैं।

धीरे धीरे वो ऑनलाइन ब्लॉग्गिंग के ज़रिये लाखों कमाना शुरू कर देते हैं वो भी कुछ हज़ार रुपयों का इन्वेस्टमेंट करके। आज रवि अपने काम को एन्जॉय भी कर रहा है और उसका पार्ट टाइम बिजनेस अब एक प्रतिष्ठित संस्थान में परिवर्तित हो चुका है। इसे कहते हैं कैलक्यूलेटेड रिस्क लेना।
 
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4 -Don’t repeat the same mistake :-

 
जो लोग दिमाग से मजबूत होते हैं वो एक ही गलती को बार बार नहीं दोहराते। वे गलती करने से डरते भी नहीं हैं मगर एक बार सीख जाने पर उसे दोबारा नहीं करते।

उदाहरण के तौर पर-

अनीता एक अच्छी बिजनेस वुमन है जिसे घर में बच्चों की देखभाल भी करनी पड़ती है।

क्योंकि उसे वक़्त कम ही मिल पाता है इसलिए वो चाहती है कि हर काम को जल्दी से परफेक्ट तरीके से ख़त्म किया जाए। मगर अभिभावक होना अपनेआप में ही एक अकेला संघर्ष है। जिस वजह से वो अधिकतर अपने बच्चों पर चिल्लाती हुई मिलती है।

हालाँकि इससे उसकी परेशानी को हल करने में कोई खास फर्क नहीं पड़ता। मगर ऐसा वो रोज़ ही करती है। एक दिन वो एक कॉउंसलर की मदद लेती है जो उस परेशानी को हल करने में उसकी मदद करते हैं और उसे एक अच्छा अभिभावक बनने में सलाह देते हैं।

जिससे धीरे धीरे उसका चिल्लाना कम होता जाता है और बच्चों की देखरेख भी बेहतर तरीके से होती है। सार ये है कि एक ही गलती को दोहराना गलत है आपको तरीका बदलना होता है।

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5 – Avoid over thinking mindset :-

 
मानसिक रूप से मजबूत लोगों के पीछे का सबसे बड़ा पहलु यही है कि वे जिन चीज़ों को या बातों को कण्ट्रोल नहीं कर सकते उसके बारे में ज़्यादा सोचकर अपनी एनर्जी बर्बाद नहीं करते।

उदाहरण के तौर पर-

मेरे दोस्त ने ऑनलाइन क्लासेज शुरू की माध्यम आय वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखकर ताकि उनकी पढाई का कोई नुकसान ना हो और साथ ही मेरे दोस्त को एक प्लेटफॉर्म मिल जाए अपना बिजनेस का। मगर जैसा उसने सोचा था माध्यम आय वर्ग के बच्चे पढाई में तुलनात्मक रूप से कम ध्यान देते हैं।

ऐसा उनके आस पास के माहौल से तय होता है। इसलिए जितने बच्चों का टारगेट लेकर उसने ये काम शुरू किया वहां तक नहीं पहुंच पाया। हालाँकि इस काम को जमने में अभी वक़्त लगेगा। अब यहाँ पर बच्चों के मन में पढाई को लेकर जागरूकता लाना मेरे दोस्त के बस में नहीं है और इस बात की वो चिंता भी नहीं करता। अपने बिजनेस को लेकर कहता फिरता है कि “ये तो अभी अंगड़ाई है आगे बड़ी लड़ाई है।”

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6 – Don’t owe the world :-

 
मजबूत मानसिक प्रवृति के लोग कभी ऐसा नहीं सोचते कि वे दुनिया पर कोई एहसान कर रहे हैं। वे जो भी करते हैं पूरी श्रद्धा भाव से करते हैं वो भी बिना किसी लाग लपेट के।

उदाहरण के तौर पर-

सुमित एक समृद्ध परिवार में जन्मा लड़का है जिसकी परवरिश काफी अच्छे ढंग से हुई है। उसे हमेशा ये बताया गया कि वो एक जन्मजात लीडर है। इसलिए जब एक कंपनी में उसकी नौकरी लगती है तो वो अपने साथी कर्मचारियों के सही तरह से व्यवहार नहीं करता और हमेशा चिढ़ा चिढ़ा सा रहता है।

इसी सिलसिले में वो अपने रिपोर्टिंग मैनेजर से मांग करता है कि उसका प्रमोशन कर दिया जाये ताकि उसके पास लोगों से काम कराने की अतिरिक्त शक्ति आ जाये ताकि वो अपने कर्मचारियों से जैसे चाहे वैसे काम करा सके।

लेकिन उसका मैनेजर उसे ये कह देता है कि फिलहाल उसे अपने कर्मचारियों से बात करने की ज़रूरत है क्योंकि वे सभी उसके ख़राब व्यवहार की शिकायत कर चुके हैं।

सुमित अब और ज़्यादा दबाव में आ जाता है फिर वो एक कॉउंसलर की मदद लेता है। कॉउंसलर उससे वो बातें एक कागज़ पर लिखने को कहता है जो वो अपने कर्मचारियों से चाहता है। फिर पूछता है कि जो बातें उसने लिखी हैं उन्हें वो खुद कितना फॉलो करता है ? सुमित को उसका जवाब मिल चुका है। यदि आप टैलेंटेड हैं तो इसका ये कतई मतलब नहीं है कि आप दुनिया पर कोई एहसान कर रहे हैं।

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7 – Patient mindset :-

 
मानसिक रूप से मजबूत लोग ये जानते हैं कि किसी भी काम का रिजल्ट आने में समय लगता है और उसके लिए धैर्य से इंतज़ार करना पड़ता है।

उदाहरण के तौर पर-

जो लोग 3 महीने में fat to fit होने की धारणा के साथ जिम ज्वाइन करते हैं वे औसतन एक महीने में ही जिम जाना छोड़ देते हैं। क्योंकि शरीर बनाना एक तपस्या है। बिना मेहनत, लगन और धैर्य के एक स्वस्थ शरीर कभी बन ही नहीं सकता है। ये एक धीमा और सतत प्रयास है।

Strong Mindset वाले लोगों की 7 पहचान 

तो दोस्तों ये रही कुछ Strong Mindset वाले लोगों की 7 पहचान । अपना स्कोर ज़रूर चेक कर लें की इनमे से आपमें कुल कितनी ख़ास बाते हैं।

 

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धन्यवाद…

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