share market bubble

RBI ने दी Stock Market Bubble की चेतावनी : क्या बंद कर दें निवेश ?

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Recently एक बड़ा अपडेट आया है, Stock Market Bubble को लेकर! जितने लोग Share market  track करते होंगे, investors होंगे। उन्हे तो पता ही होगा।

दरअसल RBI ने RECENTLY जारी annual report में stock market के बारे में एक चेतावनी जारी करते हुए कहा था, कि अब stock market bubble का रूप लेता जा रहा है।

ऐसे में हम आपको पूरी जानकारी देने वाले हैं।

क्या करें, और क्या न करें सबकुछ बताने वाले हैं।

बस धैर्य से पूरे पोस्ट को पढ़ कर एक एक बात को समझिएगा।

क्या कह रही है RBI, समझते हैं पूरे मामले को।

Nifty sensex All time high

Nifty और sensex All time high है।

SENSEX की बात करें, तो यह मार्च में सबसे निचले स्तर पर चला गया था।
और वहां से 100% की बढ़ोतरी हुई।

ये एक बहुत बड़ी बात है।

फिर भी आरबीआई चेतावनी जारी कर रहा है कि Share market bubble बन रहा है।

आसान भाषा में bubble को समझें तो ‘ गुब्बारा ‘
यानि सब कुछ खोखला !!

जो दिख रहा है, असलियत वो नहीं है।

ऐसा आरबीआई का कहना है।

अब RBI किस किस आधार पर ऐसा कह रही है, आइए समझते हैं।

एक तरफ जीडीपी में सिकुड़न ( contract in GDP) और दूसरी तरफ तेजी से बढ़ता शेयर के दाम ( share price) :–

RBI अपनी रिपोर्ट में कह रही है, कि GDP में 8% की सिकुड़न होनी है।

और वहीं शेयर बाजार इतनी तेजी में है।

यानि Economy और Share market का आपस में कोई सामंजस्य ही नहीं बन पा रहा है।

तो इस आधार पर भी RBI को ऐसा लगता है कि Stock Market Bubble बन रहा है।

#P/E ratio :-

P.E ratio को profit to earning ratio कहते हैं।

ये एक economic term है, हो सकता है आपमें से कुछ को समझ न आए।
मैं इसको आसान भाषा में समझा दे रहा हूं।

मान लीजिए कोई कंपनी है, जो स्टॉक मार्केट में listed है।

वो 1 रुपए का profit gain करता है।
और उसके buyer 50 हैं।

तो उसका profit to earning ratio = 50:1 हो गया।

आप जब भी किसी कंपनी का स्टॉक खरीदें तो बिल्कुल ये ध्यान रखें, कि कहीं ये over valued stocks तो नहीं है। इसका p/e ratio जरूर चेक कर लें।

आरबीआई ने इस हवाले से कहा है कि Stock Market Bubble में P/E ratio काफी बढ़ा है।

जो कि एक स्वस्थ मार्केट के लिए अच्छे संकेत नहीं हो सकते।

Shar market bubble
Shar market bubble in 2021

उपर दिए गए चित्र में आप साफ साफ देख पा रहे होंगे, कि अभी जो 2018 के बाद से nifty के P/E ratio लगातार बढ़ता रहा है।

इसी वजह से हलके गुलाबी रंग से गहरे गुलाबी रंग में चिन्हित किया गया है।

वर्तमान की बात करें तो,

P/E ratio of SENSEX- 32
P/E ratio of NIFTY -28

माना जाता है कि P/E ratio हमेशा 25 से कम रहना, मार्केट के लिए अच्छा होता है

25 के बाद खतरे के संकेत दिखते हैं।

इससे साफ दिख रहे हैं कि कई स्टॉक over valued हो चुके हैं।

इस आधार पर भी आरबीआई ने अपनी रिपोर्ट पब्लिश की।

 

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Economy Vs Share Market Bubble

आरबीआई का मोटा मोटी यही रिपोर्ट में कहना है कि आर्थिक सुस्ती में मार्केट की चुस्ती ठीक नहीं है।

* ये तो हो गई कुछ आधार जिसके ध्यान में रखते हुए, RBI ने रिपोर्ट पब्लिश की।

इकॉनोमी गिर रही है, शेयर तेजी ला रहा है।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर शेयर तेजी में क्यों है?

खस्ताहाल अर्थव्यवथा के बावजूद, अगर Share market इतनी तेजी से बढ़ रही है, तो इसके पीछे कई कारण हैं।

©• liquidity में बढ़ोतरी :-

सरकार मार्केट ने नगदी काफी जारी कर चुकी है।

Corona महामारी के बाद से सरकार,

20 लाख करोड़ रुपए तक पैसे मार्केट में पंप कर चुकी है।

ऐसे में लोगों के पास पैसे आ रहे हैं।

पैसे आ रहे हैं, तो demand बढ़ रही है।

और demand बढ़ रही है, तो inflation ( महंगाई) बढ़ रही है।

और लोग अपने पैसों को शेयर मार्केट में इन्वेस्ट भी कर रहे हैं।

ऐसे में प्रोडक्शन कम, मांग अधिक ऐसा वाला समस्या आ गया है।

Liquidity बढ़ गई जिसे सरकार को आज न कल कम करना ही पड़ेगा।

प्रोडक्शन बढ़ेगा तब सब कुछ सही हो जाएगा।

©• positive news of vaccination

RBI का भी कहना है कि कोरोना महामारी के बाद वैक्सीन के पॉजिटिव खबरों से भी लोगों ने शेयर मार्केट में पैसे लगाना जारी रखा है।

इसीलिए शेयर मार्केट लगातार बढ़ रहा है।

©• Stretch बढ़ गया है।

Stock Market Bubble का एक कारण ये भी है।

-Asset price बढ़ रहे हैं, और economic recovery नीचे जा रही है।

– जीडीपी 8% contract हो रही है, शेयर के दाम में उछाल आ रहा है।

Widen Gap बढ़ा है।

ऐसे में clear शब्दों में RBI ने चेतावनी जारी की है कि स्ट्रेच काफी बढ़ा है।

©•Money Supply

सरकार द्वारा मार्केट में जो money पंप करने की कोशिश की गई, वो तो की ही गई।

बाहरी निवेश भी खूब भर भर के आया।

– RBI का कहना है,money supply aur FPI की वजह से भी ऐसा हो रहा है।

FPI का अर्थ है, Foreign Portfolio investment.

अधिक money supply की वजह से –

•demand बढ़ी
•consumption बढ़ा
• और price भी बढ़ा

कुल मिला कर पूरा scenario यही है।

US election Uncertainity:–

भारत अमेरिका संबंध को देखते हुए, RBI ने ये भी कहा है।

अमेरिका में चुनाव की Uncertainity ख़तम होने के बाद से,

जब से joe Biden राष्ट्रपति बने हैं, तब से

शेयर मार्केट में भर भर के निवेश आया है।

#अब सवाल ये आता है, कि क्या करें??

आम investors, retailers इस न्यूज के आने के बाद काफी डर रहे हैं।

उन्हें संदेह हो रहा है, डर लग रहा है कि पैसा डूब तो न जाएगा?

हम सबसे पहले ये बताना चाहेंगे कि जो long term वाले हैं, वो तो सो जाएं आप,

सोते रहिए, सोते रहिए आपको कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला।

बाकी जो लोग ये जानना चाहते हैं कि क्या करें और क्या न करें उनके लिए,

एक महान legend American British investor John Templeton का quote reference में देना चाहूंगा।

 

Templeton कहते हैं, Market के चार चरण होते हैं। ” Bull Markets Are –

  1. Born on Passimism (निराशा)
  2. Grow on Skepticism( संदेह)
  3. Mature on Optimism ( आशा)
  4. Die on Euphoria (पागलपन)

 

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Share market bubble > 4Stages Of Market by John Templeton

 

1) Passimism( निराशा) :-

ये पहला स्टेज होता है,bull market का।
जब नए investors को लगता है।
अब मार्केट डूब जायेगा।

इस पहले चरण की तुलना मैं मार्च 2020 से करना चाहूंगा।

जब स्टॉक मार्केट धराम से नीचे आया और लोगों को लगा अब तो crash ही हो जाएगा।

लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उतनी ही तेजी से मार्केट फिर से grow हो गया।

और अभी तक 100% से भी ज्यादा grow हो चुका है।

2) Skepticism ( संदेह) :-

ये एक संदेह का दौर होता है, जब लोगों को लगता है।

“मार्केट अब डूब सकता है, कल डूब सकती है।
हमेशा संदेह लगा रहता है।”

और अभी की दौर की तुलना संदेह यानि Skepticism से करूंगा।

3) Optimism (आशा) :-

ये एक आशावादी दौर है।

जब सब कुछ ठीक हो चुका होगा।
सब कुछ ठीक लग रहा होता है।

इकॉनोमी ठीक चलने लगती है।

ये तीसरा चरण है।

4) Euphoria (पागलपन) :-

ये अनियमितता का दौर होता है।

जब मार्केट बहुत ही ज्यादा ऊपर चढ़ता है।
2008 में ऐसा ही Euphoria हुआ था।

जब मार्केट तेजी से काफी ऊपर गई और धराम से इस तरह नीचे आई कि न जाने कितनो को तबाह कर दी।

ये वो दौर था जब 20 रुपए का शेयर 700-800 रुपए तक बिके।

Templeton साहब के इन चार चरण के अनुसार अभी मार्केट दूसरे चरण यानि Skepticism ( संदेह ) के दौर से गुजर रहा है।

आगे क्या करना है, आपको क्या decision लेना है ये आप खुद ले सकते हैं।

आपके decision सिर्फ और सिर्फ आपके decision होंगे।

मैंने अपनी तरफ से पूरी पूरी जानकारी दे दी है।

लेकिन कोई भी स्टॉक खरीदने से पहले ये बिल्कुल ध्यान रखें कि स्टॉक fundamentally weak न हो।

और ये भी विशेष तौर पर ध्यान रखें कि क्या particular stock last 6 महीने मे अनियमित रूप से तेजी तो नहीं पकड़ी है।

इन सभी चीजों का ध्यान रखेंगे तो पैसे डूबने की संभावना बहुत कम है।

 

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Stock Market Bubble – आज के लिए बस इतना ही, आगे और भी कई मुद्दों के साथ हम आपसे जुड़ते रहेंगे। ऐसे ही ज्ञानवर्धक आर्टिकल्स के लिए और,

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जय हिन्द

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