पेट्रोल इतना महंगा क्यों है

पेट्रोल इतना महंगा क्यों है ? – मेरा नाम सौरभ है और आज मैं आपके लिए लेकर आया हूँ एक अहम् जानकारी जो इस कठिन वक़्त में आपके काफी काम आ सकती है और शर्तियां आएगी।
 

Petrol itna mahanga kyu ho raha hai ?

 
महंगाई” अगर आपने मेरा आज से करीब 8 महीने पहले लिखा हुआ आर्टिकल “महंगाई की समस्या व् समाधान” पढ़ा होगा तो उसमे मैंने आपको आगाह किया था कि हद से ज़्यादा दर से महंगाई आने वाली है। उस वक़्त मैंने कुछ बुनियादी जानकारी दी थी ताकि आप लोग इस कठिन समय का सामना आसानी से कर सकें।

आज मैं वर्तमान में चल रहे हालातों और उनसे निपटने को लेकर कुछ तथ्य शेयर करूँगा। उम्मीद है कि इस आर्टिकल के माध्यम से आपको काफी मदद मिलेगी अपने भविष्य को उज्जवल बनाने में। यहाँ मैं अपने पिछले आर्टिकल का लिंक शेयर कर रहा हूँ ताकि आप पहले उसे पढ़ सकें।
 

महंगाई की समस्या और समाधान


 



 

पेट्रोल इतना महंगा क्यों है ?

 
अगर आपको पता नहीं कि सरकारों के पास खर्च करने के लिए जो पैसा होना चाहिए वो कहाँ से आता है ? तो यदि हम बात करें कि भारत सरकार का कमाई का स्त्रोत क्या है तो मोटे तौर पर नीचे दिए गए 3 स्त्रोत हैं जहाँ से सरकार के पास सबसे ज़्यादा पैसा आता है : –
 

1- GST Collection

 
जी हाँ सबसे ज़्यादा पैसा जो सरकार के पास आता है वो GST कलेक्शन से आता है जिसे indirect tax भी बोलते हैं। हम और आप जब भी कोई भी Product या Service बाजार से खरीदते हैं चाहे वो बड़ी से बड़ी चीज़ हो या छोटी से छोटी सबमे हम Tax Pay करते हैं।

देश में ऐसा एक भी शख्स नहीं है जो tax नहीं देता हो। यहाँ तक कि जो लोग सड़कों पर भीख मांगते हैं, वे भी सरकारों को tax देते हैं। मान लीजिये भीख मांगकर कोई व्यक्ति बिस्कुट का एक पैकेट खरीदता है तो वो भी टैक्स देता है क्योंकि उस पैकेट पर लिखा होता है (Inclusive All Taxes).

इसलिए सबसे ज़्यादा कमाई इस स्त्रोत से आती है क्योंकि एक एक व्यक्ति का योगदान होता है इसमें। अब ध्यान देने वाली बात ये है कि ये सब प्रक्रिया एक बात पर टिकी हुई है और वो है Cashflow. जब पैसा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के पास जाता है विनिमय के माध्यम से तो वो सरकार की कमाई होती है।

Lockdown में इस प्रक्रिया पर सबसे तगड़ा झटका लगा क्योंकि काम धंधे बंद हो गए, लोगों के पास जमापूंजी भी ख़त्म होती गई और वे खर्च कम करते गए। जब लोग खर्च करेंगे ही नहीं तो सरकार की कमाई पर बट्टा तो लगना ही था।

 

2- Petroliam Product

 
Indirect Tax के बाद जो सबसे ज़्यादा कमाई सरकार की होती है वो है पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री से। हम सभी जानते हैं कि पेट्रोलियम पदार्थ ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं इस वक़्त इसलिए ये सभी की ज़रूरत है। चाहे वो चाय बेचने वाला हो, किसान हो, सामान डिलीवरी करने वाला हो, माल ढुलाई करने वाला हो इत्यादि।

तो यहाँ से भी सरकार को एक बड़ा मुनाफा होता है। यदि आपको पता नहीं तो बताना चाहेंगे कि पेट्रोलियम पदार्थ GST के दायरे से बाहर रखे गए हैं। कारण, बाज़ार दर को काबू में रखना।

कुछ समय पहले सरकार ने पेट्रोलियम के रेट को ग्लोबल मार्किट के हिसाब से बेचने का स्वागत योग्य निर्णय लिया ताकि लोगों को ये ना लगे कि सरकार जबरन अधिक रेट पर पेट्रोलियम पदार्थो को बेचती है और जनता को भी लगा कि इससे उन्हें फायदा होगा।

क्योंकि जब रेट ग्लोबली कम होंगे तो पेट्रोल सस्ते में मिलेगा। मगर ऐसा हुआ नहीं, धोखा इसे ही कहते हैं। जब पेट्रोलियम के रेट बढ़े तो सरकार ने दाम बढ़ा दिए और जनता से बोला की ऐसा ग्लोबल मार्केट में रेट बढ़ने से हुआ है, लोगों ने मान लिया। मगर जब lockdown में रेट माइनस में चले गए फिर भी रेट बढ़े।

क्योंकि सरकार ने टैक्स वसूली के लिए रेट बढ़ा दिया। फ़िलहाल के समय की अगर बात की जाये तो 30 रूपए प्रति लीटर से मिलने वाला पेट्रोल हमें 95 रुपए प्रति लीटर की दर से मिल रहा है, मतलब लगभग तीन गुने से ज़्यादा। और ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकार को पैसे चाहिए अपने खर्चों को चलाने के लिए जोकि GST से आना कम हुए हैं।
 

 3- Liquar

 
शराब का स्थान तीसरे स्थान पर है जिससे सरकार को सबसे ज़्यादा टैक्स आता है। इसलिए सरकार ने इसे प्रमोट करना भी शरू कर दिया है। तभी आप नोटिस कर रहे होंगे की आस पास अब आपको बड़ी आसानी से शराब के बड़े बड़े शोरूम भी दिखने को मिल रहे होंगे।

आज आपको अन्य किसी दुकान की तुलना में सबसे ज़्यादा भीड़ शराब की दुकान पर ही मिलेगी। शराब, राशन का ही हिस्सा होती है और खराब तो बिलकुल भी नहीं। मुझे कोई ख़ास शिकायत नहीं, हाँ इसका असर सेवन करने वालों पर निर्भर करता है। सरकार चाहती है कि लोग और ज़्यादा से ज़्यादा शराब खरीदें ताकि राजस्व में वृद्धि की जा सके। क्योंकि लोगों की आमदनी घटी है मगर सरकार को खर्चे तो पूरे करने ही हैं।

 

तो ये रहे कुल 3 मोटे ज़रिये जिनके माध्यम से सरकार राजस्व कमाती है। हर सरकार का एक बजट होता है जिसके माध्यम से वो लोगों के लिए सुविधाएं मुहैया करवाती है।

ये बजट पूर्वानुमानित होता है, जिसमे सभी मदों से आने कमाई और उसके खर्चे का लेखाजोखा होता है। और ये एक आम बात है। लेकिन जब ऐसा होने लगे कि आमदनी अठन्नी हो रही है मगर खर्चा रुपैया हो रहा है तो बात कुछ हज़म नहीं होती। अब आते हैं
 




 

महंगाई के असल कारण

 

पेट्रोल इतना महंगा क्यों है असली कारण : –

 
ये पेट्रोलियम पर टैक्स बढ़ाना और शराब को प्रमोट करना तो समझ में आता है कि इन सबके पीछे सरकार की मंशा क्या है क्योंकि ये सभी तरीके उन खर्चो को पूरा करने के लिए हैं जो सरकार ने पहले से तय कर रखे हैं।

मगर गौर करने वाली बात ये है कि सरकार तय किये गए खर्चे से भी ज़्यादा खर्च कर रही है और ऐसा हो पाने के पीछे सिर्फ दो कारण हो सकते हैं या तो सरकार कर्ज ले रही है जिससे हर व्यक्ति पर उसकी देनदारी तय होगी जनसंख्या के हिसाब से या फिर वो नोट छाप रही है यानी की मुद्रा की वैल्यू गिरा रही है।

और मजे की बात ये है दोनों ही स्थितियों में महंगाई बढ़ती है। हमारे बैंकिग सेक्टर को लेकर मेरा लिखा गया आर्टिकल आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
 

बैंकिंग सिस्टम इन इंडिया 2020


 
पेट्रोल इतना महंगा क्यों है ? — समाधान : –  जैसा कि मैं पहले चुका हूँ कि महंगाई से बचने का एकमात्र उपाय है मुद्रा स्फीति को कम कर देना। अपनी सेविंग्स को गोल्ड और सिल्वर में बदल दीजिये। गोल्ड व् सिल्वर महंगाई से 4 गुना तेज गति से महंगे होते हैं,

जिससे आपकी नेटवर्थ बढ़ती रहेगी और महंगाई के कारण जो दबाव आप पर आना शुरू होगा उससे पहले ही आप उसे ख़त्म कर चुके होंगे। एक अच्छी खासी मात्रा में गोल्ड व् सिल्वर आपके पास हमेशा होने चाहिए ताकि जब भी ऐसी महंगाई की स्थिति बने आप उसे पहले से ही हरा चुके हों।
 
 
धन्यवाद!

One thought on “पेट्रोल इतना महंगा क्यों है ? Petrol itna mahanga kyu ho raha hai ?”

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