Govt subsidies schemes for business

Govt subsidies schemes for business in India – जानिए, भारत की सबसे कम ब्याज दर वाली सात ऋण योजनाओं के बारे में। 

 

नमस्कार!

 

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इस लेख में हम आपके लिए भारत में लघु उद्योगों के लिए सबसे प्रसिद्ध सात सरकारी ऋण योजनाओं को शामिल किया गया है।

इन ऋण योजनाओं में सरकारी व गैर सरकारी सूचि में उपलब्ध अन्य वाणिज्यिक ऋणों की तुलना में सबसे कम ब्याज दर उपलब्ध होने के साथ अन्य कई तरह के लाभ उपलब्ध हैं।
 

Govt subsidies schemes for business in India

 
आप इनमें से किसी भी कार्यक्रम के माध्यम से अपने व्यवसाय के लिए अपनी जरुरत के अनुसार ऋण के लिए आवेदन कर वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।  

 

भारत में लघु-स्तरीय व्यापार की महत्वता 

 

लघु-स्तरीय व्यापार क्षेत्र, जो कि लघु और मध्यम उद्यम (Enterprises) (एसएमई) क्षेत्र के रूप में अधिक लोकप्रिय है।  भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में लगभग 40% योगदान देने के लिए यही छोटे-छोटे व्यापार उत्तरदायी हैं।

लघु-स्तरीय व्यापार भारत में रोजगार का एक प्रमुख स्रोत है, लेकिन निजी तौर पर चल रहे इन व्यवसायों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। 

क्या आप जानते हैं कि भारत में लगभग 40 लाख लघु व मध्यम वर्ग के व्यवसाय हैं, जिनमें कुछ रजिस्टर हैं और कुछ नहीं।

यह क्षेत्र देश को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ गरीबी, बेरोजगारी, आय असमानता, क्षेत्रीय असंतुलन आदि जैसे जटिल मुद्दों के समाधान में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देता है। 

 

बता दें कि हाल ही में आयी एक रिपोर्ट से जानकारी सामने आयी है कि भारत सरकार ने यह लक्ष्य बनाया है कि इन्ही छोटे स्तर पर चल रहे व्यवसायों की सहायता से 2024 तक देश की GDP को 29% से बढ़ा कर 50% करने का प्रयास किया जायेगा

सरकार की इस नीति से देश में 11 से 15 करोड़ भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर आने वाले हैं। इसे महसूस करते हुए, भारत सरकार छोटे पैमाने के व्यापार क्षेत्र को वित्तपोषित करने के लिए कई ऋण योजनाओं की पेशकश करने के लिए आगे आई है। 

 

लघु उद्योगों का तेजी से विस्तार करने वाली स्टार्टअप संस्कृति को निरंतर पोषण करने और प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 2021 तक कुछ अनूठी व्यावसायिक योजनाएं लेकर आयी है।

इस लेख में हम आपको उन्हीं में से कुछ चुनिंदा योजनाओं की जानकारी ले कर आये हैं। ऐसे लघु व्यवसाय चलाने वाले उद्यमी अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप किसी भी योजना के माध्यम से ऋण के रूप में सरकार से धन ले सकते हैं।

ऐसी आशाजनक Govt subsidies schemes for business सरकारी व्यावसायिक योजनाओं के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें जिन पर आपको विचार करना चाहिए। 

 

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SIDBI मेक इन इंडिया ऋण (मुस्कान)

 

  • इस योजना को स्टार्टअप को बढ़ावा देने, निवेश की सुविधा, बौद्धिक शक्ति से संपदा को बढ़ाने, कौशल विकास को बढ़ाने और एमएसएमई (Micro, Small and Medium Enterprises) के लिए सर्वोत्तम बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए डिजाइन किया गया है।
  • SIDBI योजना के तहत सॉफ्ट लोन और टर्म लोन के रूप में लोन दिया जाएगा। 25 चयनित क्षेत्रों में शुरू एमएसएमई के तहत भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया‘ अभियान के हिस्से के रूप में प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।
  • योजना के अंतर्गत लघु व्यवसायों पर जोर देने के साथ-साथ सेवा और विनिर्माण क्षेत्र में नए उद्यमों को महत्व दिया जा रहा है। 
  • इसमें ब्याज की प्रतिस्पर्धी दरें काफ़ी हद तक कम हैं और ऋण चुकाने की अवधि भी अधिक होगी। 
  • जब आपके दस्तावेज़ पुरे हो जाएंगे तो ऋण राशि सफलतापूर्वक आपके बैंक खाते में शीघ्रता से भेजी जाएगी। 

 

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (MUDRA Loan)

 

  • मुद्रा ऋण सूक्ष्म-इकाइयों के विकास और पुनर्वित्त एजेंसी संगठन (Micro-Units Development and Refinance Agency) द्वारा स्वीकृत किए जाते हैं।  इस एजेंसी को भारत सरकार द्वारा सूक्ष्म-व्यवसाय की इकाइयों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है। 
  • मुद्रा ऋण (MUDRA Loan) योजना का उद्देश्य “अनफंड को वित्तपोषित करना”। देश भर की सभी बैंक शाखाएं मुद्रा ऋण प्रदान करती हैं।
  •  इस योजना के बारे में कुछ अवधारणाएं हैं जैसे कि इस योजना को शुरू करने का लक्ष्य  सूक्ष्म और लघु व्यवसायों के लिए कम लागत में ऋण मुहैया करवाना। बता दें कि वित्त और धन की आवश्यकता वाले व्यवसाय के विकास के अनुसार ऋण की राशि को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है जिसके अंतर्गत प्रदान की जाने वाली राशि व ब्याज की दर तय की गयी हैं। 
  • शिशु: INR 50,000 तक का ऋण
  • किशोर: 50,000 रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक के ऋण
  • तरुण: INR 5 से INR 10 लाख के बीच का ऋण 

 

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59 मिनट में पीएसबी ऋण

 

आपने शायद ही इस योजना के बारे में सुना होगा, किन्तु यह सच है कि 5 करोड़ रुपये तक की ऋण राशि 60 मिनट से कम समय में आपके खाते में जमा हो जाएगी। 

  • यह सरकारी पहलों के माध्यम से पेश किया जाता है जहां आपको ऋण प्राप्त करने के लिए केवल आवश्यक दस्तावेज़ स्कैन करने होंगे और इसे ऑनलाइन अपलोड करना होगा। 
  • यदि इस ऋण को सरल शब्दों में समझें तो यह छोटे उद्यमों के लिए सरकारी व्यवसाय ऋण है जो कई दिनों के बजाय 59 मिनट में स्वीकृत या अस्वीकृत किया जाता है। 
  • यदि आपका ऋण सफलतापूर्वक मिल जाता है तो धन सात से आठ दिनों में वितरित किया जाता है। ऋण की राशि 10 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक कार्य अनुसार तय होती है। 
  • ब्याज दरें मामूली हो सकती हैं, वे व्यवसाय ऋण पात्रता मानदंड के अधीन हैं।
  • ऋण के लिए योग्यता प्राप्त करने के लिए ऋणदाता को GST पंजीकृत होना चाहिए। ऋण राशि दो कारकों पर निर्भर करती है – आय व पुनर्भुगतान। 
  • कोई भी आवेदन कर सकता है चाहे वो आर्किटेक्ट, डॉक्टर, सीए आदि जैसे पेशेवरों सहित व्यापार, निर्माण और सेवा क्षेत्र में लगे किसी भी सूक्ष्म उद्यम (Enterprises) से जुड़ा हो । 

 

क्रेडिट गारंटी योजना (CGS)

 

  • भारत सरकार ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSME) को साधारण ऋण प्रदान करने के लिए के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट की स्थापना की।
  • यह ट्रस्ट CGS के तहत INR 2 करोड़ तक का कार्यशील पूंजी ऋण प्रदान करने की क्षमता रखता है। 
  •  सीजीएस (CGS ) ऋण भारत में छोटे व्यवसायों के लिए एक और सुरक्षित व्यापार ऋण योजना है, जिसमें आपको सम्पत्ति गिरवी रखने या किसी संपत्ति का बीमा करने की आवश्यकता नहीं होती है। इस योजना के तहत अधिकतम 2 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
  • इसमें हर प्रकार के लघु व्यवसायों के लिए ऋण योजनाएं शामिल हैं।  यदि सीधे शब्दों में खा जाये तो यह एक वित्तपोषण स्कीम है जिसमें  सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार की फर्मों के लिए ऋण उपलब्ध है। 
  • इस योजना में ऋण राशि के एक महत्वपूर्ण हिस्से की गारंटी शामिल है। गारंटी कवर क्रेडिट सुविधा, स्वीकृत राशि के अधिकतम 85% तक की पेशकश की जाती है। 

 

स्टैंड-अप इंडिया योजना

 

  • स्टैंड अप इंडिया लोन योजना 5 अप्रैल, 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी मुख्य लाभार्थी देश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और महिला कारोबारी हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत इज ऑफ डूइंग बिजनेस पर अधिक जोर देने में लगी है। 
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रीनफील्ड उद्यम (Enterprises) स्थापित करने के उद्देश्य से अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), महिला उद्यमियों की निधि आवश्यकताओं को पूरा करना है। 
  • इसके अंतर्गत उद्यम का विनिर्माण, व्यापार या सेवाओं के व्यवसाय का विकास किया जा रहा है। 
  • इस योजना के तहत दिया जाने वाला ऋण 10 लाख रुपए से लेकर रु. 1 करोड़ हो सकता है।
  • यह योजना भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के नियंत्रण में आती है। 
  • बता दें, यदि आप किसी गैर-व्यक्तिगत उद्यम के लिए ऋण लेना चाहते हैं, तो नियंत्रण की हिस्सेदारी (51%) अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या महिला उद्यमी के पास होनी चाहिए, तभी आपका ऋण पास होगा। 

 

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प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)

 

भारत सरकार द्वारा यह ऋण योजना फूड पार्कों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और कोल्ड स्टोरेज गोदामों के लिए तैयार की गयी है।

इस योजना को लागू करने पीछे केंद्र सरकार उद्देश्य एक मजबूत और कुशल आपूर्ति श्रृंखला के साथ एक आधुनिक बुनियादी ढाँचा तैयार करना है जो खेतों से शुरू होकर रिटेल स्टोर तक जाता है।

यह योजना खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा चलाई जाती है। इस योजना के अंतर्गत निम्न क्षेत्र आते हैं। 

 

  • विशाल फ़ूड पार्क। 
  • खाद्य प्रसंस्करण, संरक्षण क्षमताओं का विकास/विस्तार, यह इकाई योजना (Unit Scheme) के अंतर्गत आते हैं। 
  • एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य संवर्धन क्षमता के लिए बुनियादी ढांचा। 
  • खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन। 

 

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना न केवल किसानों को उनके उत्पादों के साथ सहायता मुहैया कर रही है बल्कि इसकी सहायता से चलने वाले व्यवसाय रोजगार के असंख्य अवसर भी पैदा कर रहे हैं जो भारत के विकास में अत्यंत मददगार साबित हो रही है।  

 

उद्योगिनी योजना 

 

  • उद्योगिनी जैसे नाम से ही पता चल रहा है कि इस योजना का सीधा उद्देश्य है महिला सशक्तिकरण। 
  • यह एक ऐसी योजना है जिसे भारतीय महिला वर्ग को स्वाबलंबी व सशक्त बनाने के लिए शुरू किया गया है। 
  • यह योजना भारत सरकार के अधीन महिला विकास निगम (Women Development Corporation) के अंतर्गत शुरू की गई है। 
  • यदि कोई महिला किसी भी प्रकार का व्यवसाय शुरू करना चाहती है तो वह आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए धन धनराशि प्राप्त कर सकती है।
  • इस योजना के तहत दिया जाने वाला अधिकतम ऋण रु. 15,00,000 है।
  • ऋण की पात्रता पाने के लिए महिला की आयु 18 वर्ष से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 
  • शारीरिक रूप से विकलांग या विधवा महिलाओं के लिए आय की कोई सीमा नहीं है। 
  •  महिला के परिवार की वार्षिक आय 15,00,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। 

 

आशा करते हैं आपको Govt subsidies schemes for business  पसंद आयी होगी और आपको इससे अपने व्यवसाय के लिए अवश्य एक उपयुक्त ऋण योजना मिल जाएगी जिससे आपकी वित्तीय परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। 

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