Fuel Crisis

जानिए आखिर क्यों इंधन होते हुए भी झेलना पड़ रहा है फ्यूल संकट (Fuel crisis), ब्रिटेन  (Britain) सरकार घुटने पर 

 

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जैसा की आप जानते हैं की हम समय-समय पर आपके साथ रोचक जानकारियां शेयर करते रहते हैं।

इसी कड़ी के अंतर्गत आज हम आपसे जिस टॉपिक के बारे में जानकारी सांझा करने जा रहे हैं, वह है ब्रिटेन (Britain) में छाया हुआ ईंधन संकट (Fuel Crisis)।

जी हां, ब्रिटेन (Britain) में पेट्रोल पंपो के सामने लंबी-लंबी लाइन लगी हुई है। जिस कारण सरकार घुटनों पर आ गयी है और आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । 
 

FUEL CRISIS

 
यह सुनने में ही अजीब लगता है कि ईंधन की पर्याप्त मात्रा होते हुए भी ब्रिटेन (Britain) को ऐसे समस्या से जूझना पड़  है।

दोस्तों इसलिए हमने इस विषय को चुना ताकि हम इसकी हर बारीकी से आपको रूबरू करवा सकें और आप समझ सके कि किस प्रकार केवल ईंधन न मिलने की वजह से किसी देश की रफ़्तार रुक सकती है। 

 

क्या आप जानते है कि ऐसा क्यों हुआ? क्यों ब्रिटेन (Britain )की सरकार इस संकट का निवारण करने में असमर्थ है।

चलिए हम आपको बताते हैं कि जो देश विकसित देशों की सूची में चौथे नंबर पर आता है, वहां के पेट्रोल पंपों में आज पेट्रोल और डीजल लगभग खत्म हो गया है।

ब्रिटेन (Britain) में भारी तेल संकट पैदा हो गया है और पेट्रोल पंप स्टेशनों से लोगों को निराश लौटना पड़ रहा है क्योकि लगभग सभी फ्यूल स्टेशन खाली होने की कगार पर हैं जिस कारण लोग लम्बी कतारों में घंटो तक खड़े रहने के लिए विवश हो गए हैं। 

 

ब्रिटेन (Britain) में करीब एक तिहाई से ज्यादा पेट्रोल पंप के पास बिल्कुल भी तेल नहीं बचा है और जिन पेट्रोल पंप स्टेशनों के पास तेल है, वहां भी बस नाम मात्र का तेल ही बचा है।

उन पंपों पर भी जल्द ही ताला लगने वाला है। यदि ऐसा हुआ तो इस संकट का रूप और भी विकराल हो जाएगा। यही कारण है कि सरकार को सेना की मदद लेनी रही है। 

 

आखिर किन कारणों से आया यह फ्यूल संकट (Fuel crisis) 

 
ब्रिटेन (Britain) की यदि पेट्रोल और डीजल सप्लाई की बात की जाए तो इस समय यह चेन पूरी तरह से टूटने की नौबत पर है। इसका मुख्य कारण ब्रिटेन (Britain) के ट्रक ड्राइवर।

वह ट्रक ड्राइवर जो ब्रिटेन (Britain)में तेल की सप्लाई का काम करते थे, उन ड्राइवरों की संख्या में भारी कमी आई है। जिससे कि पेट्रोल और डीजल ब्रिटेन (Britain) के सभी पंपों तक नहीं पहुंच पा रहा है।

जिसके चलते वहां की प्रमुख तेल कंपनियां, जैसे यूके, बीपी और एक्सॉनमोबिल अपने फ्यूल स्टेशनों  को बंद करने के लिए  मजबूर हो गई हैं। 

 

वहीं दूसरी ओर पंपों पर खत्म हो रहा तेल लगातार आम जनता की मुश्किलें बढ़ा रहा है। लोग घबरा गए हैं और उन्होंने पेट्रोल अधिक मात्रा में खरीदना शुरू कर दिया है।

यदि ऐसा ही चलता रहा तो फ्यूल थोड़े समाय में ही ख़त्म हो जायेगा और  सड़कों पर खड़ी गाड़ियां फ्यूल संकट (Fuel Crisis) के चलते वहीं फंसी रह जाएंगी।

जिसके बाद यदि प्रशासन तेल सप्लाई की रफ्तार को तेज भी करता है तो भी इस समस्या के निपटारे के लिए काफी समय लग जाएगा। 

 

 

एक लाख ड्राइवरों की कमी

 
बता दें कि इस समय ब्रिटेन (Britain) में तेल की सप्लाई करने वाले लगभग एक लाख ट्रक ड्राइवरों की कमी है। पेट्रोल और डीजल का वितरण करने वाले कर्मकार ज्यादातर दूसरे देशों से आने वाले लोग थे।

परंतु ब्रेक्जिट के बाद से कई फ्यूल सप्लाई ट्रक ड्राइवर यूरोप के या दूसरे देशों में चले गए। कई ट्रक ड्राइवर्स को ब्रेक्जिट के चलते अपने मूल देश भी वापिस लौटना पड़ा।

कुल मिलाकर बात की जाए तो इस समय ब्रिटेन (Britain) की ऐसी हालत है कि तेल होते हुए भी ब्रिटेन (Britain) की जनता को इतनी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

 

ब्रिटेन  (Britain)की कठोर वीजा नीति

 
पहले UK आने वाले ट्रक ड्राइवर आसानी से सफर कर पा रहे थे। लेकिन जब से यूके ने अपनी वीजा नीति में बदलाव किए हैं, तब से यात्रियों को ब्रिटेन (Britain) जाने में काफी दिक्कत आ रही है।

उदाहरण के लिए – हाल ही में ब्रिटेन (Britain) ने भारत की कोविशील्ड को वैक्सीन की मान्यता देने से इंकार कर दिया था। जिससे कि ब्रिटेन (Britain) जाने वाले यात्रियों को दोनो डोज लगने के बाबजूद भी 10 दिनों का क्वारंटीन पूरा करना पड़ रहा था।

जिसके चलते कई यात्रियों ने अपनी यात्रा को रद्द कर दिया था। हालांकि बाद में ब्रिटेन (Britain) मान्यता देने के लिए राजी हो गई थी। इस तरह की कठोर नीतियों के कारण ट्रक ड्राइवरों और अन्य लोग ब्रिटेन (Britain) नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिसकी वजह से ब्रिटेन (Britain) को आज ईंधन संकट (fuel crisis) का सामना करना पड़ रहा है। 

 

कोरोना महामारी भी रहा ईंधन संकट (Fuel Crisis) का कारण

 
कोरोना महामारी भी कहीं न कहीं फ्यूल संकट (fuel crisis) का कारण रहा है। महामारी के कारण सरकार ने लोगों को वापिस अपने देश भेज दिया था या यूँ कहिये के लोग वापस अपने वतन आ गए थे।

ब्रिटेन (Britain) से अपने देश रवाना हुए ट्रक ड्राइवर वापिस नहीं लौटे हैं। जिससे कि आज वहां पेट्रोल और डीजल की सप्लाई बाधित हो गई है। 

 

रिटायर्ड ड्राइवरों की जगह नहीं किया नए ड्राइवरों को भर्ती 

 
वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन (Britain) ने रिटायर्ड ट्रक ड्राइवरों की जगह पर नए ट्रक ड्राइवरों को भर्ती नहीं किया है। ट्रक ड्राइवरों की कमी होने में यह भी एक प्रमुख कारण रहा है। 

 

 

कैसे निपटेगा ब्रिटेन (Britain) इस फ्यूल संकट (Fuel Crisis) से 

 
इस समय ब्रिटेन (Britain) में पेट्रोल पंपो के बाहर डीजल और पेट्रोल के लिए लड़ाई तक होना शुरू हो गया है। लोगों को कई घंटो लाइन में लगने के बाद भी तेल नहीं मिल पा रहा है।

इस समय करीब 27 प्रतिशत से अधिक फ्यूल टैंक्स पूरी तरह से खाली पड़े हुए है। सड़कों पर भी इस समय वाहनों की कतारें लगी हुई है। जिसके चलते ट्रकों से भी फ्यूल पहुंचाना काफी मुश्किल साबित होगा।

इसलिए ब्रिटेन (Britain) प्रशासन लगातार इस स्थिति से निपटने के लिए नई-नई रणनीतियां बना रहा है और दावा कर रहा है जल्द ही यूके इस स्थिति पर नियंत्रण पा लेगा।

आइए यूके की रणनीतियों पर भी एक नज़र डालते है –

 

अस्थायी वीजा करेगी जारी 

 
फ्यूल संकट (fuel crisis) से छुटकारा पाने के लिए ब्रिटेन (Britain) ने 10 हजार विदेशी ट्रक ड्राइवरों को अस्थायी वीजा जारी करने का निर्णय लिया है। लेकिन दस हजार ड्राइवरों का जल्द से जल्द ब्रिटेन (Britain) पहुंच पाना आसान नहीं है। 

 

सेना को भी किया जा रहा है तैयार 

 
सेना के टेंकर ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि वह किस तरह से तेल की आपूर्ति का काम करेंगे। जिससे कि जरूरत के हिसाब से हर जगह तेल को पहुंचाया जा सके।

ब्रिटेन (Britain) के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि सेना के जवानों को भी पेट्रोल और डीजल की सप्लाई में शामिल किया जाएगा। लेकिन जवानों को प्रशिक्षण देने के लिए करीब 4 से 5 दिन का समय लग सकता है। जिसने प्रशासन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इतने समय में UK के कई पेट्रोल पंप पूरी तरह से खाली हो चुके होंगे। 

 

 

अर्थव्यवस्था और इन चीजों पर भी पड़ सकता है प्रभाव

 
फ्यूल संकट (fuel crisis) के कारण सुपर मार्केट्स में भी सामान का आयात-निर्यात कर पाना काफी मुश्किल हो गया है। लोगों ने घबराहट के कारण ज्यादा से ज्यादा सामान को स्टोर करना शुरू कर दिया है।

लोगों के काम को भी स्थिति ने काफी प्रभावित किया है। हो सकता है क्रिसमस तक खाने-पीने की चीजों के दामों में भी इजाफा कर दिया जाए। इस तरह सप्लाई रूक जाने की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। यदि जल्द ही इस समस्या परमानेंट सलूशन नहीं  किया गया तो वहां की जनता को इसके भयानक परिणाम भुगतने पड़ेंगे। 

 
 

तो ये थी वो Britain fuel crisis से जुड़ी जानकारी, यदि आपको लेख अच्छा लगा तो शेयर करना न भूलें ताकि आपके अपने इस जानकारी का लाभ प्राप्त कर सकें।

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धन्यवाद। 

||जय हिन्द||

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