Facebook downtime

पढ़े Facebook downtime से जुड़े रहस्य । 

 

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आज हम आपके आपके लिए Facebook downtime से जुड़ी हर वह जानकारी साझा करेंगे जिससे आपको सभी तथ्यों को समझने में आसानी होगी। 
 

Facebook Downtime

 

बीते दिनों में फेसबुक के साथ साथ वाॅट्सऐप और इंस्टाग्राम के भी सर्वर डाउन हो गए थे। जिसके चलते सोशल मीडिया यूजर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

यूजर्स न ही फेसबुक पर कोई पोस्ट डाल पा रहे थे और न ही किसी तरह के मेसेज को भेज या रिसीव कर पा रहे थे। Facebook downtime के चलते फेसबुक को भी भारी नुकसान को सामना करना पड़ा था। मार्क जुकरबर्ग ने इसके लिए माफी भी मांगी। 

लेकिन आपके दिमाग में ऐसा जरूर आया होगा कि आखिर ऐसा क्या हुआ था जो फेसबुक की सर्विस एक दम से ठप हो गई, अगर हाँ तो चलिए हम आपको बताते हैं ।

जैसा कि आप जानते होंगे फेसबुक दुनियाभर का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है। फेसबुक के साल 2021 में महीने के करीब 2.85 बिलियन एक्टिव युजर्स हैं फिर भी ऐसा हो गया। 

 

आखिर क्या है Facebook Downtime की वजह 

 
दुनियाभर के Cyber Crime विशेषज्ञों ने इसके कारणों पर शोध किया और जानने का प्रयास किया कि इस तरह के Global Outage होने की क्या वजह रही। इतने बड़े प्लेटफार्म का रातों रात Server down होना एक बहुत ही आश्चर्य की बात है।

इस विषय पर फेसबुक ने चार अक्टूबर को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा कि छह घंटे की रुकावट जिसने इसे ऑफ़लाइन कर दिया, साथ ही इंस्टाग्राम, मैसेंजर, व्हाट्सएप और ओकुलसवीआर, इसके राउटर में कॉन्फ़िगरेशन परिवर्तन का परिणाम था – ना की हैक या प्रयास उपयोगकर्ता डेटा प्राप्त करने के लिए यह किया गया। 

इस ब्लॉग पोस्ट में फेसबुक ने विस्तार से इस डाउनटाउन का स्पष्टीकरण किया है।  इसमें बताया गया है कि Outage एक नियमित रखरखाव में हुई गलती के कारण हुआ था जिसने मूल रूप से इंटरनेट से फेसबुक के डेटासेंटर को डिस्कनेक्ट कर दिया था।

इसमें बताया गया कि समस्याएँ फ़ेसबुक की डीएनएस (DNS)) और बीजीपी (BGP) जानकारी का विज्ञापन करने वाले सर्वर को प्रभावित करती हैं। उस विफलता ने DNS  रूटिंग जानकारी को मिटा दिया जिसे फेसबुक को अन्य नेटवर्क को अपनी साइट खोजने की अनुमति देने की आवश्यकता है

 

 

BGP में आई थी दिक्कत

 
Cybercrime के विशेषज्ञ ब्रायन क्रेब्स द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार बीजीपी (BGP) यानी बाॅर्डर गेटवे प्रोटोकाॅल में आने वाली दिक्कत इसका कारण रही है।

दूसरी तरफ इस विषय पर क्लाउडफ्लेयर इंक के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी जॉन ग्राहम-कमिंग के एक ट्वीट में बताया कि फेसबुक के प्लेटफॉर्म लोड होने से कुछ मिनट पहले, सार्वजनिक रिकॉर्ड बताते हैं कि फेसबुक के बीजीपी मार्गों में बड़ी संख्या में बदलाव किए गए थे।

चलिए अब आपको बताते हैं की आखिर बीजीपी (BGP) है क्या। यह इंटरनेट को सही से काम करने में सहायता प्रदान करता है। इसी के साथ बीजीपी इंटरनेट के सभी नेटवक्र्स को एक साथ जोड़े रखने में भी मदद करता है। इसलिए बीजीपी में किसी भी तरह की गड़बड़ी आने पर Internet routers सही से काम करना बंद कर देते है। 

आधुनिक राउटर्स अंतिम सोर्स तक पहुंचने के लिए अपने रूट्स को बदलते रहते हैं। फेसबुक के मामले बीजीपी सही से काम नहीं कर रहा था। जिसकी वजह से फेसबुक अपनी लास्ट डेस्टिनेशन तक नहीं पहुंच पा रहा था जिससे वह यह बताने में सक्षम नहीं रहा कि वह भी इंटरनेट पर ही है। 

 

DNS में भी रही समस्या

 
DNS यानि डोमेन नेम सिस्टम में आई समस्या का भी Facebook downtime में बहुत बड़ा हाथ रहा है। बता दें कि डीएनएस इंटरनेट का अहम हिस्सा होता है। यह डोमेन नेम को इंटरनेट प्रोटोकाॅल में कन्वर्ट करने का काम करता है।

आसान भाषा में इसे इंटरनेट का फोनबुक कहा जा सकता है। इसकी वजह से भी फेसबुक अपनी सर्विस को अपने यूजर्स तक नहीं पहुंचा पा रहा था।

फेसबुक अपने असल इंटरनेट प्रोटोकाॅल को कन्वर्ट ही नहीं कर पा रहा था। इसी तरह यूजर्स भी डीएनएस की सहायता से वेब एड्रेस पर अपना अकाउंट नहीं खोल पा रहे थे। जिससे कि यूजर्स फेसबुक इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। 

 

गलत काॅन्फिगरेशन से भी रहा Facebook downtime

 
Facebook  ने एक पोस्ट के माध्यम से यह स्पष्ट कर दिया था कि Facebook downtime होना किसी तरह का साइबर अटैक नहीं है। आउटेज की वजह काॅन्फिगरेशन में हुआ गलत चेंज है।

इसी के चलते 3.5 अरब यूजर्स फेसबुक में मेसेजिंग सर्विसेज को ऐक्सेस नहीं कर पा रहे थे। लेकिन अभी भी फेसबुक ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि यूजर्स के डेटा के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं हुई है।

जिससे कि फेसबुक की प्रोफाइल पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। अचानक छः घंटे तक फेसबुक बंद होने के कारण यूजरस बौखला गए, जिस कारण वे आसानी से फेक न्यूज़ की चपेट में आ गए और हर उस बात पर भरोसा करने लगे जो फेसबुक से जुडी थी।

उन्हें यह दर भी सताने लगा की कहीं उनकी पर्सनल इनफार्मेशन लीक न हो जाये। इस वजह से फेसबुक को बेहद शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा और उनका अत्यधिक नुक्सान भी हो गया। 

 

 

Outage इतने लंबे समय तक क्यों चला?

 
4 अक्टूबर को जब फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे बड़े प्लेटफार्म लगभग 6 घंटे तक अचानक बंद हो गए तो कम्पनी के हाथ पैर फूल गए।  इतने ज्यादा समय तक बंद रहने की वजह से समस्या बदतर बन गयी।

ऐसा लग रहा था कि इसका समाधान जल्द से जल्द करने के लिए किसी मायावी शक्ति का प्रयोग से किया जाये, क्योंकि Outage ने Facebook के अपने आंतरिक सिस्टम और Tools को भी खराब कर दिया था, जिस पर वह दैनिक कार्यों के लिए निर्भर करता है।

कर्मचारियों को कथित तौर पर उस स्थान तक पहुंचने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा जहां राउटर रखे गए हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ बैरेट लियोन ने एनपीआर के साथ एक इंटरव्यू में कहा, “तकनीकी दृष्टिकोण से, उन्हें समीक्षा करनी होगी कि वे क्या करते हैं और उन्होंने चीजों को कैसे डिजाइन किया है।”

 

Facebook को उठाना पड़ा करोड़ो का नुक्सान

 
Server Down की आई इस समस्या से Facebookको लगभग 52 हजार करोड़ से भी ज्यादा का नुक्सान उठाना पड़ा है। दिक्कत के चलते कई यूजर्स ने फेसबुक को अपनी शिकायतें भेजी थी।

फेसबुक अपने हर घंटे में 13.3 मिलियन डाॅलर की कमाई मात्र एड के जरिए करता है। जिससे कि फेसबुक की आय प्रति मिनट के हिसाब से 2 लाख 20 हजार डाॅलर व सेकेंड के हिसाब से 3700 डाॅलर हो जाती है। वहीं प्रतिदिन फेसबुक की आय लगभग 319 मिलियन डाॅलर है।

इससे आप हिसाब लगा सकते हैं कि Facebook downtime का कंपनी पर क्या प्रभाव पड़ता है। मार्केटवॉच का कहना है कि कंपनी के खोए हुए घंटों की तुलना इसकी हालही में आयी राजस्व रिपोर्ट से की जाए तो इस Outage के नुक्सान की कीमत कंपनी को लाखों डॉलर है। 

 

अमेरिका में डिजिटल एडवरटाइजिंग कंपनी ने जानकारी दी है कि कंपनी को 5 लाख 45 हजार डाॅलर प्रति घंटे के हिसाब से नुकसान हुआ है। फेसबुक के शेयर्स में भी इस कारण से भारी गिरावट देखने को मिली है।

अरबपति की सूची में भी मार्क जुकरबर्ग का नाम काफी नीचे आ गया है। मार्क जुकरबर्ग ने इस असुविधा के लिए अपने यूजर्स से माफी मांगते हुए कहा था कि सोशल मीडिया के इतने बड़े प्लेटफाॅर्म का इस तरह रूक जाना काफी असुविधाजनक रहा होगा। दोबारा से सर्विसेज को चालू कर दिया गया है। 

 

अन्य सोशल मीडिया एप को हुआ फायदा

 
जहां Facebook downtime के समय फेसबुक की कंपनी भारी नुकसान से गुजर रही थी। वहीं कुछ कंपनियों को इसका फायदा भी मिला है। फेसबुक डाउन के समय एप ही नहीं बल्कि वेबसाइट भी सही ढंग से काम नहीं कर थी।

जिससे कि उस समय फेसबुक डाउन को हैशटैग भी ट्रेंड करने लगा था। इस समय हजारों क्रैश रिपोर्ट युजर्स द्वारा दर्ज की गई थी। ऐसे में सोशल मीडिया पर फेसबुक यूजर्स चैट नहीं कर पा रहे थे। 

इस समय में लोगों ने टेलीग्राम और सिगनल जैसे एप्स का सहारा लिया। जिससे कि ऐसे सोशल मीडिया में यूजर्स की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला।

टेलीग्राम और सिगनल को सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रियता मिली। यूजर्स ने अन्य प्लेटफाॅर्म पर फेसबुक के मीम शेयर करना भी शुरू कर दिया। ट्विवर पर तो फेसबुक डाउन का हैश टैग लगाकर फेसबुक का काफी मजाक बनाया गया। 

 

 

कुछ व्यवसायों को हुआ नुक्सान 

 
आपको लगता होगा की ज्यादातर  लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ फ़ोटो और वीडियो साझा करने के लिए Facebook, Instagram और WhatsApp का उपयोग करते हैं, लेकिन आपको बता दें कि कई व्यवसाय सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को एक प्राथमिक टूल के रूप में देखते हैं,

उनका उपयोग विज्ञापन देने, ग्राहकों से जुड़ने और उत्पादों और सेवाओं को बेचने के लिए करते हैं। Facebook downtime लगभग पूरे कार्य दिवस तक चला, जिससे कुछ व्यवसाय अस्त-व्यस्त हो गए और उन्होंने अपना लगभग एक दिन का काम खो दिया। 

 

तो यह थी Facebook Downtown से जुडी जानकारी। 

आशा करता हूँ आपको पसंद आयी होगी। यदि आपको मेरे द्वारा दी गयी जानकारी अछि लगी तो शेयर करें और इसका लाभ अपने प्रीयजनो तक पहुंचाए।  

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