दिमाग तेज करने का नियम

दिमाग तेज करने का नियम – मेरा नाम सौरभ है और मैं आज आपको बताने जा रहा हूँ कुछ 12 नियम जिनकी सहायता से आप अपने दिमाग की शक्ति को गुणात्मक रूप से बढ़ा सकते हैं।

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपकी सोचने समझने की क्षमता बढ़ा दी जाए तो उससे क्या होगा ?? ज़्यादा मत सोचिये उससे होगा ये आप एक इंटेलीजेंट इंसान की श्रेणी में आ जायेंगे।

आज मैं आपसे शेयर करने जा रहा हूँ कुछ 12 नियम जो आपको इंसानी दिमाग के विकास के बारे में भी बताएँगे

 

दिमाग तेज करने का नियम

( Dimag Tej Karne Ke Niyam )

 
 

ये नियम Mr. John J Madina जो कि Development Molecular Biologist हैं उनके द्वारा सालों की रिसर्च के बाद बताये गए हैं। John का जो सबसे अहम् क्षेत्र है वो है “Isolation & Characterization of genes involved in Human brain development“.

 

John ने अपना अधिकतर समय इंसानी दिमाग की रिसर्च में लगाया है और उसके बाद ही ये 12 नियम लिखे अपनी किताब “Brain Rules for aging well” में जिन्हे मैं आपको बताने जा रहा हूँ। इन नियमों की सहायता से आप अपने दिमाग की शक्ति को 34% तक बढ़ा सकते हैं।
 
 

दिमाग तेज करने का 12 नियम

( Dimag Tej Karne Ke 12 Niyam )

 
 

1 – # Exercise Boosts brain power –

 
दोस्तों अगर आप गौर करेंगे तो खुद के साथ भी ऐसा पाएंगे की जिस दिन आप 1 घंटे की कोई शारीरिक मेहनत करते हैं अन्य दिनों की अपेक्षा आपकी प्रोडक्टिविटी और फोकस दोनों बढे हुए महसूस होते हैं।

जो शरीर मेहनत करता है, उसकी उम्र उसके दिमाग पर कम असर डालती है। उदाहरण के लिए दो बुजुर्ग एक का नाम रमेश है और दूसरे का सुरेश। दोनों लगभग 80 साल के हैं।

रमेश अपना अधिकतर समय व्हीलचेयर पर दीवारों को घूरते हुए बिताते हैं, अचानक से रोने लगते हैं, वो कुछ नया सीखना ही नहीं चाहते और आखिर में निष्कर्ष यही निकलता है कि वे अपनी मौत का इंतज़ार भर कर रहे हैं।

जबकि सुरेश के साथ ऐसा नहीं होता वो सुबह सैर पर जाते हैं, समय के साथ साथ रोज़ नई चीज़ें सीख रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी को अपना रहे हैं, उनकी ऊर्जा को देखकर कोई नहीं कह सकता कि रमेश और सुरेश दोनों हमउम्र हैं।

अंतर है तो बस नजरिये का। मैं शर्तियां कह सकता हूँ ऐसे नज़ारे आपको अपने आस पास ज़रूर मिलते होंगे।

ये रिसर्च किया ही इस बात को साबित करने के लिए गया था कि शारीरिक गतिविधियां हमारी याददाश्त को मजबूत करती हैं और साथ ही बीमारियां भी दूर रहती हैं।

John कहते हैं कि हमारा दिमाग हज़ारों साल को यात्रा करने के बाद परिपक्व हुआ है और ये बना एक ऐसे शरीर के लिए था जो दिन में कम से कम 12 मील चलता हो मगर आज के परिदृश्य में लोग एक जगह बैठे बैठे पूरा जीवन बिता रहे हैं इसलिए उनके दिमाग ने साथ देना कम कर दिया है।

 

2 – # Human brain evolved too –

 
मानव को विकसित होने में हज़ारों साल का वक्त लगा है और यही बात हमारे दिमाग के लिए भी सही साबित होती है। इस विकासक्रम में हमारा दिमाग भी धीरे धीरे विकसित हुआ उदाहरण के लिए सबसे पहले जो दिमाग आया उसे Lizard Brain कहते हैं, वो अपने आप कुछ काम करता रहता था जैसे कि सांस लेना, हृदय का धड़कना, रंग बदलना, जागना, सोना इत्यादि।

फिर उसके बाद हमारा दिमाग कुछ विकसित हुआ और उसमे एक नया हिस्सा जुड़ गया AMYGDALA जिसने कुछ नए फीचर्स जोड़ दिए जैसे कि शिकार करना या शिकार होने से बचना।

आखिर में हमारे दिमाग में CORTEX नामक हिस्सा विकसित हो गया जो सामंजस्य बैठने के काम आता है जैसे कि बोलना, पढ़ना, सीखना इत्यादि।

CORTEX के आने के बाद इंसान ने दो पैरों पर चलना सीखा जिससे उसके शरीर को काम ऊर्जा की ज़रूरत पड़ी, बची हुई ऊर्जा दिमाग को विकसित करने में लगी जिसने आज का इंसानी दिमाग तक का सफर तय किया है।

 

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3 – # Every Brain is wired differently –

 
हम जिस चीज़ को रोज़ सीखते हैं हमारा दिमाग उसी की तरह ढल जाता है। जैसे कि माइकल जॉर्डन जो कि बास्केट बॉल के महानतम खिलाड़ी हैं, सन्यास के बाद बेसबॉल खेलना शुरू किया मगर वो वहां कुछ खास नहीं कर सकें।

हालाँकि बास्केटबॉल और बेसबॉल में ज़्यादा कोई फर्क नहीं होता। खेलने की ऊर्जा एक जैसी ही लगती है और स्ट्रेटेजी भी लगभग एक जैसी ही होती है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि जॉर्डन का दिमाग बास्केटबॉल के हिसाब से डिजाइन हो चुका था।

 

4 – # We don’t pay attention to the boring things –

 
इस रिसर्च में जॉन को ये पता चला कि एक समय में इंसानी दिमाग सिर्फ एक चीज़ पर ही फोकस कर सकता है यानी कि इंसानी दिमाग मल्टीटास्किंग के लिए बना ही नहीं है।

कभी मान लीजिये एक काम करते हुए आप किसी चीज़ को देख रहे होते हैं मगर ठीक 2 सेकेंड्स के बाद आपका दिमाग उस मेमोरी को डिलीट कर देता है। ये कोई खामी नहीं है बल्कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारा दिमाग एक समय में एक ही चीज़ पर फोकस कर सकता है।

इसलिए जब हम किसी चीज़ को सीखना चाहें तो हमें उससे इमोशनली कनेक्ट रहना चाहिए तभी आप उसे बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। यदि आपने ध्यान दिया हो तो अधिकतर TV विज्ञापन हमारे इमोशंस पर ही बनाये जाते हैं।

 

5 – # Repeat to remember –

 
अगर आपको मेमोरी की समस्या है और किसी चीज़ को याद रखने में दिक्कत होती है तो उसके लिए एक आसान तरीका ये है कि मान लीजिये आपको एग्जाम देने जाना है

तो अपने घर पर एक एग्जाम हॉल जैसा माहौल बनाइये जैसे कि स्टडी टेबल, चेयर, टेबल लैम्प, पेपर, पेन होल्डर इत्यादि। इससे आपके दिमाग को उस माहौल में पढ़ी हुई चीज़ बड़ी आसानी से याद आ जाएगी।

 

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6 – # Remember to repeat –

 
दोस्तों कविवर रहीम का एक सोरठा है “करत करत अभ्यास ते, जड़मति होत सुजान, रसरि आवत जात है, सिलपट पड़त निसान।” यानी कि एक काम को बार बार दोहराने से वो बात आपके दिमाग में छप जाती है

अन्यथा काफी समय बीत जाने पर आप उसे भूल सकते हैं। यदि आपको किसी बात को लम्बे अरसे तक याद रखना है तो उसे बीच बीच में अभ्यास करते रहना चाहिए।
 
 

7 – # Sleep well, think well –

 
दोस्तों एक अच्छी नींद हमारी याददाश्त के लिए बूस्टर का काम करती है। आपका तो पता नहीं लेकिन मुझे दिन भर 8 घंटे की नींद तो चाहिए ही होती है अन्यथा मैं दिन भर थका थका सा महसूस करता हूँ।

जापान में हुए एक सर्वे के मुताबिक अगर दोपहर में हम 30 मिनट्स की एक powernap ले लें तो हमारी प्रोडक्टिविटी 30% बढ़ जाती है। किसी चीज़ को अभ्यास करने के बाद जब हम सो रहे होते हैं तो हमारा दिमाग उसे अभ्यास कर रहा होता है। इससे उस चीज़ को सीखने में हमारी क्षमता बढ़ जाती है।

 

8 – # Stressed brain dont learn the same way –

 
फ़र्ज़ कीजिये आपके घर में कोई सदस्यअचानक से बीमार हो जाये और आप अस्पताल में परेशान बैठे हों ऐसे में कोई शख्स आपके पास आकर आपको बोले कि 875647 को 2 से गुना करके उसका उत्तर बताओ वो भी सिर्फ 5 सेकेंड्स में तो आपका क्या रिएक्शन होगा ?

ज़ाहिर सी बात है आप झुंझला जाओगे जबकि आम समय में आप उसका गुणन कर सकते थे। यही थ्योरी यहाँ पर लागु होती है की जब आपका दिमाग शांत होगा तो आपके सीखने की क्षमता बढ़ जाती है। इसलिए जब कभी कुछ नया सीखने में लगिए तो सबसे पहले अपने दिमाग को शांत कीजिये।

 

9 – # Stimulate more of the senses –

 
जब किसी बात को सीखने की बारी आती है तो आप अपनी जितनी ज़्यादा इन्द्रियों का इस्तेमाल करेंगे उसको सीखने में आपकी उस बात को लम्बे समय तक याद रखने की क्षमता बढ़ती जाएगी।

उदाहरण के लिए TV पर देखी गई कोई फिल्म हमें लम्बे अरसे तक याद रहती है जबकि किताबों में पढ़ी या रेडियो पर सुनी हुई बात कुछ समय के बाद आपकी यादों से या तो मिट जाती है या फिर धुंधली पड़ जाती है।

जब हम कोई फिल्म देखते हैं तो उसमे हमारी आंख, कान दोनों का इस्तेमाल होता है जबकि पढ़ते समय या तो आँख या फिर सुनते समय सिर्फ कान का इस्तेमाल होता है। तो देखने के मांमले में क्योंकि आपकी दो इन्द्रियां काम करती हैं इसलिए वो बात आपको ज़्यादा समय के लिए याद रहती है।

 

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10 – # Vision trump all the senses –

 
जैसा कि मैंने ऊपर लिखा देखा हुआ ज़्यादा समय तक याद रहता है क्योकि हमारी आँखें हमारे दिमाग की 50% ऊर्जा को सीधे इस्तेमाल करती हैं।

इसको टेस्ट करके के लिए आप एक प्रयोग कर सकते हैं, आप एक बच्चे के पैरों में घंटी बांध दीजिये, जब जब वो अपना पैर हिलायेगा तो उसे घंटी की आवाज़ सुनाई देगी।

कुछ दिनों के बाद उस घंटी को हटा दीजिये, फिर गौर करियेगा वो बच्चा अपना पैर और ज़ोर से हिलायेगा ताकि उसे वो आवाज़ सुनाई पड़े मगर ऐसा नहीं होगा क्योंकि घंटी बंधी ही नहीं है।

अब वो बच्चा उस घंटी को खोजने लगेगा। इससे ये निष्कर्ष निकलता है कि हम देखकर सीखने की अपनी आदत के साथ ही पैदा हुए हैं, प्रकृति ने हमें ऐसे ही बनाया है।

 

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11 – # Male & Female brains are completely different –

 
आपको ये जानकार हैरानी होगी कि मर्द और औरत दोनों के दिमाग एक स्थिति में अलग तरह से व्यव्हार करते हैं। जब दोनों बहुत ज़्यादा मानसिक दबाव में होते हैं तो औरतों में LEFT AMYGDALA एक्टिवेट होता है जो उन्हें इमोशनल कर देता है

जबकि इसी परिस्थिति में मर्दों में RIGHT AMYGDALA एक्टिवेट होता है जो उन्हें निर्णय तक ले जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महिलाओं में उनके DNA का X क्रोमोसोम उनकी माँ और पिता दोनों से आता है

जबकि मर्दों में वो X क्रोमोसोम सीधा उनकी माँ से आता है। जबकि उनका Y क्रोमोसोम 80% पूरी तरह से उनके पिता पर निर्भर होता है।
 
 

12 – # We are powerful & natural explorer –

 
इंसान जब पैदा होता है तो सीखने का एक प्रोग्राम पहले से इनस्टॉल होता है। जब बच्चा धीरे धीरे बड़ा होता है तो गलतियां करता है, सीखता है फिर अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ता है। हमें प्रकृति ने इसी तरह डिजाइन किया है, पहले गलतियां करो फिर सीखो।

 

तो दोस्तों ये रहे दिमाग तेज करने का नियम  जिनको ध्यान में रखकर हम अपनी सीखने की क्षमता बढ़ा सकते हैं और एक इंटेलीजेंट इंसान बन सकते हैं। आशा करता हूँ आपको मेरा ये पोस्ट पसंद आया होगा।

धन्यवाद!

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